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40 के बाद सुरक्षित वज़न घटाने के लिए 4 'कम प्रभाव वाले' प्रभावी वर्कआउट: जानें क्या कहती हैं फिटनेस कोच

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Posted On:Saturday, November 1, 2025

मुंबई, 1 नवंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, खासकर 40 की उम्र पार करने के बाद, वज़न कम करना और खुद को फिट रखना अक्सर चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस उम्र में ज़्यादा तीव्रता वाले (High-Impact) वर्कआउट हमारे जोड़ों (Joints) पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। लेकिन अब आपको घंटों ट्रेडमिल पर पसीना बहाने या घुटनों को थकाने वाले अभ्यास करने की ज़रूरत नहीं है।

फिटनेस कोच भाविका पटेल ने उन लोगों के लिए चार बेहतरीन और आसान 'कम प्रभाव वाले' (Low-Impact) वर्कआउट बताए हैं, जो कैलोरी बर्न करने और वज़न सुरक्षित रूप से घटाने में मदद करते हैं, साथ ही आपके घुटनों और जोड़ों की सुरक्षा भी करते हैं।

कोच भाविका पटेल के बताए 4 बेहतरीन लो-इम्पैक्ट वर्कआउट

भाविका पटेल के अनुसार, यदि उच्च-प्रभाव वाले व्यायाम अब आपके दोस्त नहीं रहे, तो ये चार अभ्यास आपके लिए सुरक्षित और असरदार साबित हो सकते हैं:

इनक्लाइन वॉकिंग (Incline Walking):

ट्रेडमिल का झुकाव (Incline) 8 से 15% तक बढ़ा दें और तेज़ चलें।

यह अभ्यास आपके घुटनों पर हल्का रहता है, लेकिन आपके ग्लूट्स (Glutes) और काफ़्स (Calves) पर ज़ोरदार काम करता है, जिससे कैलोरी तेज़ी से बर्न होती है।

ट्रेडमिल इंटरवल (Treadmill Intervals):

इसमें आपको 30-60 सेकंड के लिए तेज़ दौड़ना या स्प्रिंट करना है, जिसके बाद 1 से 2 मिनट तक धीमी गति से चलना या हल्का जॉगिंग करना है।

यह विधि आपके हृदय गति को बढ़ाए रखती है, जिससे वज़न कम करने में मदद मिलती है, लेकिन लंबी दौड़ की तरह आपके जोड़ों को थकाती नहीं है।

साइड शफल (Side Shuffles):

ट्रेडमिल की गति धीमी रखें और साइड में फेरबदल करते हुए चलें।

यह वर्कआउट आपके कूल्हों (Hips) और ग्लूट्स को लक्षित करता है, पार्श्व शक्ति (Lateral Strength) को बढ़ाता है। इससे आपके ग्लूट्स में निश्चित रूप से खिंचाव महसूस होगा।

वॉकिंग लंजेज़ (Walking Lunges):

ट्रेडमिल को 0.5 से 1.0 मील प्रति घंटा की बहुत धीमी गति पर सेट करें और बड़े लंज़िंग स्टेप्स लें।

घुटनों पर दबाव कम करने के लिए हैंडल्स को पकड़ें। यह अभ्यास आपके क्वाड्स (Quads) और ग्लूट्स को मज़बूत बनाता है और कैलोरी जलाता है।

विशेषज्ञ की राय: क्यों प्रभावी हैं ये अभ्यास?

टोन30 पिलेट्स की फिटनेस और पिलेट्स विशेषज्ञ डॉ. वजल्ला श्रावणी (MPT) ने भी इन अभ्यासों के महत्व पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार, 40 से अधिक उम्र के लोगों को ऐसे मूवमेंट पर ध्यान देना चाहिए जो जोड़ों पर कोमल हों, फिर भी हृदय गति को प्रभावी ढंग से बढ़ाएं और शक्ति का निर्माण करें।

डॉ. श्रावणी बताती हैं कि:

इनक्लाइन वॉकिंग पीछे की मांसपेशी श्रृंखला (जैसे ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग) को सक्रिय करती है, जबकि हृदय गति को बढ़ाकर वसा जलाने में मदद करती है।

साइड शफल अंदरूनी और बाहरी जांघों को सक्रिय करते हैं, कूल्हे की गतिशीलता (Hip Mobility) में सुधार करते हैं और स्थिरता को बढ़ाते हैं, जो बढ़ती उम्र के साथ महत्वपूर्ण है।

वॉकिंग लंजेज़ क्वाड्रीसेप्स, हैमस्ट्रिंग, ग्लूट्स और कोर सहित कई मांसपेशी समूहों पर काम करते हैं, जिससे मांसपेशियों का वज़न बढ़ता है और इसके बदले में मेटाबॉलिज़्म (Metabolism) को बढ़ावा मिलता है।

डॉ. श्रावणी ने तेज़ चलना, तैराकी, स्थिर साइकिलिंग (Stationary Cycling), रेजिस्टेंस बैंड प्रशिक्षण, और मॉडिफाइड पुश-अप्स जैसे अन्य कम-प्रभाव वाले अभ्यासों को भी प्रभावी बताया है।

वज़न घटाने में आहार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

विशेषज्ञ इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि 40 के बाद वज़न कम करने में आहार की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी व्यायाम की, क्योंकि इस उम्र में मेटाबॉलिज़्म स्वाभाविक रूप से धीमा होने लगता है।

डॉ. श्रावणी के अनुसार:

संतुलित पोषण और तृप्ति सुनिश्चित करने के लिए साबुत खाद्य पदार्थ (Whole Foods), लीन प्रोटीन, फाइबर युक्त सब्जियां और स्वस्थ वसा को प्राथमिकता दें।

पोर्टशन कंट्रोल और सचेत खान-पान (Mindful Eating) ओवर-कंजम्पशन को रोकने में मदद करते हैं।

शरीर को हाइड्रेटेड रखें और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (Processed Foods) और रिफाइंड शुगर को सीमित करें, जो वज़न बढ़ा सकते हैं।

निष्कर्ष यह है कि सही वर्कआउट और सचेत खान-पान के संयोजन से 40 की उम्र के बाद भी सुरक्षित रूप से वज़न घटाना और एक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखना पूरी तरह से संभव है।


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